बहुत लोग Lord Shiva की पूजा करते हैं।
लेकिन एक सवाल हमेशा रहता है—
सही विधि क्या है?
क्या महंगे सामान चाहिए?
क्या बड़ी पूजा व्यवस्था जरूरी है?
असल में नहीं।
Lord Shiva की पूजा हमेशा सरलता से जुड़ी रही है।
पुराणों में बताया गया है कि शिव को दिखावे से ज्यादा भाव प्रिय है।
इसीलिए साधु उन्हें सिर्फ जल, बेलपत्र और मंत्र से प्रसन्न करने की बात करते हैं।
सुबह स्नान करने के बाद पूजा स्थान साफ करें।
शिवलिंग हो तो बेहतर,
न हो तो Lord Shiva की तस्वीर भी पर्याप्त है।
फिर ये क्रम रखें:
जल अर्पित करें
दूध अर्पित करें (वैकल्पिक)
बेलपत्र चढ़ाएं
धतूरा या सफेद फूल चढ़ाएं
दीपक जलाएं
अगरबत्ती करें
"ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें
कई लोग गलती से तुलसी पत्ते चढ़ा देते हैं।
शिव पूजा में तुलसी नहीं चढ़ाई जाती।
सोमवार और सावन में इसका महत्व और बढ़ जाता है।
लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात—
शिव पूजा का उद्देश्य मांगना नहीं,
खुद को शांत करना है।
शिव विनाश के देव नहीं,
आंतरिक शांति के प्रतीक भी हैं।